अनुसूचियाँ व उनके विषय


पहली अनुसूची:- (i) राज्य (ii) संघ

दूसरी अनुसूची:- (भाग .क)- राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालो के बारे में उपबन्ध (भाग .ख)- निरासित (भाग .ग)- लोकसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष राज्यसभा के सभापति व उपसभापति राज्य विधान सभा के अध्यक्ष उपाध्यक्ष तथा विधान परिषद के सभापति उप सभापति (भाग .घ)- उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीग (भाग .इ)- भारत के नियतंक महालेखा परिक्षक के बारे में उपबन्ध

तीसरी अनुसूची:- शपथ

चौथी अनुसूची:- राज्य सभा के स्थानों का आबटन

पाँचवी अनुसूची:-अनुसूचित शेत्रो और अनुसूचित जनजातियो के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में

छठी अनुसूची:- आसम, मेघालय, तिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में

सातवी अनुसूची:- सघ सूची (मूल संविधान में 97 ये जो वर्तमान में 100 हैं)राज्य सूची (66 चे वर्तमान में 61 हैं) समवर्ती सूची (47चे वर्तमान में 52 हैं)

आठवी अनुसूची:- भाषाएँ (22 भाषाएँ )

नौवी अनुसूची:- भूमि सुधार सम्बन्धी, इससे पहला संसोधन 1951 में जोड़ा गया

दशवी अनुसूची:-इसे 52 वाँ सविधान संसोधन अधिनियम 1985 में शामिल किया गया ( दल परिवर्तन के आधार पर निरंतरता के बारे में)

ग्यारहवी अनुसूची:-पंचायते (इसे 73वाँ स स अ 1992 के द्वारा जोडा गया ) पंचायतो से सम्बन्धित सभी प्रावधान अप्रैल 1993 से सम्पूर्ण भारत में लागू कर दिया गया (उपवादजम्मू कश्मीर, दिल्ली, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड राज्यों को लागू नहीं होते।

बारहवी अनुसूची:-नगर पालिकाएं 74 वा स स अ 1932 द्वारा जोड़ा गया। इसमें माँग वक्र शमिल 18 विषय इसे जून 1993 से पूरे भारत में लागू. (अपवाद, उपयुक्त)


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *